"Abhi Kuch Dino Se" is a EN track performed by Mohit Chauhan, Pritam from the album "Dil Toh Baccha Hai Ji (Original Motion Picture Soundtrack)" (2026). Explore verified credits, streaming links, and official lyrics on Sirf.one.
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Song by
Mohit Chauhan, Pritam
अभी कुछ दिनों से लग रहा है बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने देखते, नींदें कम हैं
अभी कुछ दिनों से लग रहा है बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने देखते, नींदें कम हैं
अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख़्त है छुपाए, खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
अभी कुछ दिनों से मैं सोचता हूँ कि दिल की थोड़ी सी सुन लूँ
यहाँ रहने आएगी, दिल सजा लूँ, मैं ख़्वाब थोड़े से बुन लूँ
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
तू बे-ख़बर या सब ख़बर
इक दिन ज़रा मेरे मासूम दिल पे ग़ौर कर
पर्दों में मैं रख लूँ तुझे
कि दिल तेरा आ ना जाए कहीं ये ग़ैर पर
हम भोले हैं, शर्मीले हैं
हम हैं ज़रा सीधे, मासूम इतनी ख़ैर कर
जिस दिन कभी ज़िद पे अड़े
हम आएँगे आग का तेरा दरिया तैर कर
अभी कुछ दिनों से लगे मेरा दिल धुत हो जैसे नशे में
क्यूँ लड़खड़ाए, ये बहके, गाए, है तेरे हर रास्ते में
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
मन के शहर चल रात-भर
तू और मैं दो मुसाफ़िर, भटकते हम फिरें
चल, रास्ते जहाँ ले चलें
सपनों के फिर दरियाओं में थक के हम गिरें
कोई प्यार की तरक़ीब हो
नुस्खे कोई जो सिखाए तो हम भी सीख लें
ये प्यार है रहता कहाँ?
कोई हमसे कहे, उस से जा के पूछ ले
मैं सँभालूँ पाँव, फ़िसल ना जाऊँ, नई-नई दोस्ती है
"ज़रा देख-भाल, सँभल के चलना," कह रही ज़िन्दगी है
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख़्त है छुपाए, खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
Native script lyrics
Song by
Mohit Chauhan, Pritam
अभी कुछ दिनों से लग रहा है बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने देखते, नींदें कम हैं
अभी कुछ दिनों से लग रहा है बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने देखते, नींदें कम हैं
अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख़्त है छुपाए, खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
अभी कुछ दिनों से मैं सोचता हूँ कि दिल की थोड़ी सी सुन लूँ
यहाँ रहने आएगी, दिल सजा लूँ, मैं ख़्वाब थोड़े से बुन लूँ
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
तू बे-ख़बर या सब ख़बर
इक दिन ज़रा मेरे मासूम दिल पे ग़ौर कर
पर्दों में मैं रख लूँ तुझे
कि दिल तेरा आ ना जाए कहीं ये ग़ैर पर
हम भोले हैं, शर्मीले हैं
हम हैं ज़रा सीधे, मासूम इतनी ख़ैर कर
जिस दिन कभी ज़िद पे अड़े
हम आएँगे आग का तेरा दरिया तैर कर
अभी कुछ दिनों से लगे मेरा दिल धुत हो जैसे नशे में
क्यूँ लड़खड़ाए, ये बहके, गाए, है तेरे हर रास्ते में
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
मन के शहर चल रात-भर
तू और मैं दो मुसाफ़िर, भटकते हम फिरें
चल, रास्ते जहाँ ले चलें
सपनों के फिर दरियाओं में थक के हम गिरें
कोई प्यार की तरक़ीब हो
नुस्खे कोई जो सिखाए तो हम भी सीख लें
ये प्यार है रहता कहाँ?
कोई हमसे कहे, उस से जा के पूछ ले
मैं सँभालूँ पाँव, फ़िसल ना जाऊँ, नई-नई दोस्ती है
"ज़रा देख-भाल, सँभल के चलना," कह रही ज़िन्दगी है
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया
अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख़्त है छुपाए, खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा, इसे प्यार हो गया